Stotra · Shloka · Mantra
स्तोत्राणि श्लोकाश्च
लक्ष्मीनृसिंह के स्तोत्र मूल संस्कृत में, आपकी पसन्द की लिपि में, अर्थ सहित।
तैयारी में
श्रीनृसिंहकवचम्
प्रह्लाद द्वारा कथित (ब्रह्माण्ड पुराण, परम्परा)
रक्षा कवच रूपी प्रार्थना।
लक्ष्मीनृसिंहाष्टोत्तरशतनामावलिः
पारम्परिक
अर्चना के लिए 108 नाम।
लक्ष्मीनृसिंहपञ्चरत्नम्
आदि शंकराचार्य द्वारा रचित माना जाता है
भक्ति और वैराग्य पर पाँच रत्न-श्लोक।
प्रह्लादस्तुतिः (भागवतम् ७.९)
भागवत पुराण में प्रह्लाद
वह प्रार्थना जिसने प्रभु के क्रोध को कृपा में बदल दिया।